Monday, 14 April 2014

फिर कोण है जो हमारे जीवन को चलाता है

उतम विचार कहने अच्छा लिखना मुझे लोग जाने मेरी बात को सुन्ने ओर मेरी बात ओर मुझे महतव देन्वे मेरी तारीफ करें यह सभी चाहते हैं ओर सभी चाहते हैं के मैं सव्स्त रहूं कोई रोग ना हो धन का नुकसान ना हो किसी से भी वियोग ना हो घर वाहन सुख हो ज़रा सोचो क्या यह सब होता है नही होता यही जबाव होगा 
फिर कोण है जो हमारे जीवन को चलाता है हमारे कर्मों का हिसाब रखता है कोई तो है यदि है तो हमें उनके श्री चर्नो मैं अपने आप को समर्पित कर देने मैं हीं हमारा क्ल्याण है

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