Wednesday, 16 April 2014

तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे.
मिलेगी प्रभु की शरण धीरे धीरे .
दमन इन्द्रियों का तू करता चला जा.
बना शुद्ध चाल चलन धीरे धीरे.
तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे.

मिलेगा तुझे खोज जिसकी है तुझको.
धरम से जो होगी लगन धीरे धीरे.
तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे.

कदम नेक राहों पे धरता चला जा.
मिटेगा ये आवागमन धीरे धीरे
तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे.

छिड़क जल दया का तू सूखे दिलों पर.
बसेगा ये उजड़ा चमन धीरे धीरे
तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे

लगा मुख पे ताला तू सत्संग वाला.
मिटा देगा दर्दे कुहन धीरे धीरे.
तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे.

कोई काम दुनियाँ में मुश्किल नहीं है.
जो करते रहोगे जतन धीरे धीरे.
तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे.

मनुज सेवा तेरी तेरी ईश भक्ति.
दीपाएगी तेरा जीवन धीरे धीरे.
तू कर बन्दगी और भजन धीरे धीरे.

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