Wednesday, 16 April 2014

दोनों हाथ खोल कर

हर किसी की अभिलाषा होती है की उसके हर कार्य पूरे हो । उसके लिए
वह जगह जगह मंदिर मे चक्कर लगाता है, मन्नते मानता है की मेरी
यह कामना पूरी होगी तो यहाँ पर ऐसा करूगा । पर हर किसी की
मनोकामना पूरी नहीं होती । उसकी अभिलाषा दिल ही दिल मे दबी
रहती है । इसलिए यदि शुद्ध मन से भगवान् शिव का ध्यान किया
जाय तो आपकी जो भी मनोकामना हो वह जल्दी ही पूरी होती है ।
मनोकामना की पूर्ति के लिए यह उत्तम प्रयॊग है । जिसे सम्पन कर
आप अपनी मनोकामना शीघ्र ही पूरी कर सकते है । आप भी कोई एक
कामना के साथ इस प्रयॊग को सम्पन कर सकते है 
इस प्रयॊग को आरम्भ करे[any mondayरात्रि से ही आरम्भ } स्नान आदि करने के बाद अपने पूजा गृह मे सफ़ेद धोती/वस्त्र पहन कर आसन पर बैठ जाए और आचमन आदि
क्रिया को करने के बाद दाए हाथ मे जल लेकर अपना नाम-गोत्र और
अपनी कामना बोल कर भूमि पर छोड़ दे । अब गणेश-गुरु पूजन कर
गुरु मंत्र का यथा शक्ति जप कर ले । फिर एक थाली मे रोली से त्रिशूल
बना ले और उस पर एक (बिल्व पत्र) रख दे । इस बिल्व पत्र का गंध-अक्षत-पुष्प-धूप-दीप (घी का) से पूजन कर ले और दोनों हाथ खोल कर
भगवान् शिव से अपनी कामना पूर्ति की प्रार्थना कर भगवान् शिव का
ध्यान करते हुए निम्न मंत्र का रुद्राक्ष माला से सिर्फ 4 माला जप करे
या बिना माला से 30 मिनट जाप करे 
-: मंत्र :-
॥ ॐ मं महादेवाय मनोवांछितं सिद्धये ॐ नमः ॥

इस तरह यह प्रयॊग 11 दिन करना है । जो की रात्रि से ही आरम्भ
करना है । प्रयॊग पूर्ण होने के बाद बिल्व-पत्र को शिव मंदिर मे रख दे
या नदी मे प्रवाहित कर दे । नित्य मंत्र जप समाप्ति पर पुनः उनसे
प्रार्थना करे और शिव आरती सम्पन करना न भूले ।

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