घोर अन्धेयारि रात हो तो एक छोटा सा दीपक हाथ पर हो तो वह भी दूर तक रोशनी कर सकता है
वेसे ही थोड़ी सी भी सदबुदी जीव को यदि मिल जाय तो भी जीव का कल्याण सम्भ्व है यह जीव पर बहुत प्रभाव छोड़ती है
लेकिन यह मिलनी उतनी ही मुश्किल है जेसे आम पत्थर तो आसानी से मिल जाते हैं लेकिन पारस का मिलना मुश्किल ही होता है जेसे अमृत देव योग से ही प्राप्त होता हावेसे यह भी दुर्लभ है सदबुदी के अलावा जो दूसरी बुदीयाँ हैं उसे तो दुर्बुदि ही कहा जायगा उनसे तो विकार ही उत्पन होते है ओर विवेक हीन व्यक्ति उन्ही बुदियों मैं ही नित्य रमण करते रहते हैं उन विवेक हीन लोगों को सवर्ग संसार ओर नरक की ही प्राप्ति होती है आत्म सुख तो दूर दूर तक दिखाई ही नही देता
इस लिय भगवान ओर गुरु से यही प्रार्थना करनी चाहिय के हमें सद्बूदी ही पहले पराप्त हो
वेसे ही थोड़ी सी भी सदबुदी जीव को यदि मिल जाय तो भी जीव का कल्याण सम्भ्व है यह जीव पर बहुत प्रभाव छोड़ती है
लेकिन यह मिलनी उतनी ही मुश्किल है जेसे आम पत्थर तो आसानी से मिल जाते हैं लेकिन पारस का मिलना मुश्किल ही होता है जेसे अमृत देव योग से ही प्राप्त होता हावेसे यह भी दुर्लभ है सदबुदी के अलावा जो दूसरी बुदीयाँ हैं उसे तो दुर्बुदि ही कहा जायगा उनसे तो विकार ही उत्पन होते है ओर विवेक हीन व्यक्ति उन्ही बुदियों मैं ही नित्य रमण करते रहते हैं उन विवेक हीन लोगों को सवर्ग संसार ओर नरक की ही प्राप्ति होती है आत्म सुख तो दूर दूर तक दिखाई ही नही देता
इस लिय भगवान ओर गुरु से यही प्रार्थना करनी चाहिय के हमें सद्बूदी ही पहले पराप्त हो
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