Tuesday, 13 May 2014

आप भविष्य में भी सफल नहीं होंगे |

हमारी बात से बहुत से लोग असहमत हो सकते हैं किन्तु फिर भी हम कहना चाहेंगे की यदि आपने किसी को एक बार गुरु मान लिया तो फिर कभी भी आप उनपर अविश्वास-अश्रद्धा-संदेह न करें ,भले ही उनमे बाद में कमियां दिखें या लोग कहें |इसके कई कारण होते हैं ,हो सकता है लोग गलत हों ,हो सकता है जिस कमी की बात हो उसके कोई और कारण हो जो आप या लोग न समझ पाए ,हो सकता है जिस कमी को आपने देखा हो वह उन्होंने जान बूझकर आपको दिखाया हो ,हो सकता है उन्होंने आपकी परीक्षा ली हो ,हो सकता है जो कमी सामाजिक रूप से बताई जा रही हो उसके कोई गंभीर आध्यात्मिक कारण हों अथवा वह किसी उद्देश्य विशेष से जुड़ा हो |ऐसी बहुत सी बातें हो सकती हैं |[[ यद्यपि बहुत से आधुनिक गुरुओं में कमियां पाई जा रही हैं ,और बहुत लोग केवल चोला धारण कर गुरु बन इसे अपनी भौतिकता की पूर्ति का माध्यम बना बैठे हैं ,किन्तु इसका निर्णय गुरु बनाने के पहले ही करना चाहिए ,बाद में नहीं और अंधी श्रद्धा में गुरु नहीं बनाना चाहिए ]]वास्तव में अगर गुरु कम ही सक्षम है तो भी आप की साधना से उसका बहुत लेना देना नहीं होता |आपकी सिद्धि और लक्ष्य प्राप्त शुरू में आपके भाग्य -ग्रह गोचर पर और बाद में आपकी लगन-श्रद्धा और क्षमता पर निर्भर करती है |बहुत ही कम लोगों को ऐसे गुरु मिल पाते हैं जो शक्तिपात से उनमे शक्ति का संचार कर सकें |कहने को तो बहुत लोग दावा करते हैं |यदि किसी पर शक्ति पात न हो अथवा बहुत सक्ष्गम गुरु न मिले तो क्या व्यक्ति सिद्ध नहीं हो सकता |हो सकता है बिलकुल हो सकता है श्रद्धा- विश्वास में इतनी स्जक्ति है की वह कुछ भी कर सकती है |अगर आपमें एक बार गुरु के प्रति अश्रद्धा -अविश्वास उत्पन्न हुआ तो आप मान लीजिये आप भविष्य में भी सफल नहीं होंगे |आपमें भयानक कमी है |फिर यह उत्पन्न होगा अगले गुरु के प्रति भी ,उनमे भी यह कमियां खोजेगा और आपको कभी सफल नहीं होने देगा |

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