Tuesday, 13 May 2014

मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरलीवाले !मेरी सांस सांस में तेरा है नाम मुरलीवाले !!

मेरे साँवरिया शिकायत है आपको कि हमें मोहब्बत करना नही आता,शिकवा तो इस दिल को भी है……… पर इसे शिकायत करना नहीं आता 

भीगे भीगे नैना तेरी बाट निहारा करते है ...सुनी सुनी रातो मे हम तुमे पुकारा करते है ..कैसे भाए तुझको रे मोहन बस ये ही विचारा करते है ..हे राधा रमण ...हर शाम से तेरा इंतज़ार किया करते हैं ,हर ख्वाब में तेरा दीदार किया करते हैं ,दीवाने ही तो है हम तेरे ,जो हर वख्त राधा रमण सिर्फ तुम्हारा इंतज़ार किया करते हैकान्हा तेरे प्रेम की सौगात ही निराली है,जिसे देख हर कोई बनी तेरी दीवानी है |तेरे बिन क्या मेरी अब ये जिन्दगानी है,हर पल तुझे ही चाहना अब तो येही मेरी कहानी है
पाने से खोने का मजा कुछ और है ,बंद आँखों से देखने का मजा कुछ और है ,आंसू बने लफ्ज़ और लफ्ज़ बने भजन ,हे ! राधा रमण तेरी यादों के साथ जीने का मजा कुछ और हैं

आप क्या जानो ऐ श्याम सुंदर..
कैसे तुम बिन जीए जा रहे हैतेरे मिलने की उम्मीद लेकर
गम के आंसू पिए जा रहे है....

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