एक बार कुछ वैज्ञानिकों द्वारा एक परीक्षण किया गया,
एक बड़े मैदान में पांच बंदरों को एक बड़ी सीढ़ी के साथ छोड़
दिया गया. वैज्ञानिकों ने एक प्रबंध किया किया की जब
भी कोई बन्दर उस सीढ़ी पर चढ़ता था तो बाकी के
बंदरों पर ठन्डे पानी की बौछार की जाती थी. इस वजह से
से वो बन्दर सीढ़ी पर चढ़ने वाले बन्दर को नीचे खींचते और
उसकी पिटाई करते,ऐसा होने पर पानी की बौछार बंद कर
दी जाती थी. इसलिए ये लगभग नियम बन गया की जब कोई
बन्दर उस सीढ़ी पर चढ़ने की कोशिश करता तो बाकी के
बन्दर उसे काफी पिटाई करते. धीरे धीरे सभी बंदरों ने
सीढ़ी पर चढ़ने का प्रयास करना बंद कर दिया. इसके बाद
वैज्ञानिकों ने उन बंदरों में से एक बन्दर को वहां से
हटा दिया और उसकी जगह एक नया बन्दर रख दिया, उस
बन्दर ने भी सीढ़ी पर चढ़ने की कोशिश की लेकिन बाकी के
४ बंदरों ने उसकी जमकर पिटाई की. उसने ऐसा बार बार
किया और उसकी बार बार पिटाई हुयी. अब वो नया बन्दर
भी समझ गया की अगर कोई सीढ़ी पर चढ़े तो उसकी पिटाई
करना है.बाद में वैज्ञानिकों ने थोड़े थोड़े अंतराल के बाद
बाकी के चार बंदरों को भी एक एक करके चार नए बंदरों के
साथ बदल दिया.अब उस जगह पांच एकदम नए बन्दर थे और उनमे से
कोई भी सीढ़ी पर चढ़ने का प्रयास नहीं कर
रहा था क्यूंकि उनको पता था की अगर वो सीढ़ी पर चढ़ेंगे
तो उनकी पिटाई होगी, लेकिन क्यूँ होगी ये
किसी को पता नहीं था. इन बंदरों के ऊपर
तो पानी की बौछार भी नहीं की गयी थी. ..
आजकल हर जगह यही हो रहा है अन्धानुकरण.लोग सच्चाई
की तह में जाने की बजाये आँख मूंदकर कहीं भी भेडचाल में चलने
को तैयार हैं...खासकर सोशल मिडिया के दौर में।
एक बड़े मैदान में पांच बंदरों को एक बड़ी सीढ़ी के साथ छोड़
दिया गया. वैज्ञानिकों ने एक प्रबंध किया किया की जब
भी कोई बन्दर उस सीढ़ी पर चढ़ता था तो बाकी के
बंदरों पर ठन्डे पानी की बौछार की जाती थी. इस वजह से
से वो बन्दर सीढ़ी पर चढ़ने वाले बन्दर को नीचे खींचते और
उसकी पिटाई करते,ऐसा होने पर पानी की बौछार बंद कर
दी जाती थी. इसलिए ये लगभग नियम बन गया की जब कोई
बन्दर उस सीढ़ी पर चढ़ने की कोशिश करता तो बाकी के
बन्दर उसे काफी पिटाई करते. धीरे धीरे सभी बंदरों ने
सीढ़ी पर चढ़ने का प्रयास करना बंद कर दिया. इसके बाद
वैज्ञानिकों ने उन बंदरों में से एक बन्दर को वहां से
हटा दिया और उसकी जगह एक नया बन्दर रख दिया, उस
बन्दर ने भी सीढ़ी पर चढ़ने की कोशिश की लेकिन बाकी के
४ बंदरों ने उसकी जमकर पिटाई की. उसने ऐसा बार बार
किया और उसकी बार बार पिटाई हुयी. अब वो नया बन्दर
भी समझ गया की अगर कोई सीढ़ी पर चढ़े तो उसकी पिटाई
करना है.बाद में वैज्ञानिकों ने थोड़े थोड़े अंतराल के बाद
बाकी के चार बंदरों को भी एक एक करके चार नए बंदरों के
साथ बदल दिया.अब उस जगह पांच एकदम नए बन्दर थे और उनमे से
कोई भी सीढ़ी पर चढ़ने का प्रयास नहीं कर
रहा था क्यूंकि उनको पता था की अगर वो सीढ़ी पर चढ़ेंगे
तो उनकी पिटाई होगी, लेकिन क्यूँ होगी ये
किसी को पता नहीं था. इन बंदरों के ऊपर
तो पानी की बौछार भी नहीं की गयी थी. ..
आजकल हर जगह यही हो रहा है अन्धानुकरण.लोग सच्चाई
की तह में जाने की बजाये आँख मूंदकर कहीं भी भेडचाल में चलने
को तैयार हैं...खासकर सोशल मिडिया के दौर में।
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