Friday, 18 April 2014

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है

जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

प्यारे! तेरा दीदार ही क्यों काफी है?
तुम्ही मेरी निगाहों की जुफ्तज़ु हो, तुम्ही मेरे खयालों का मुद्आ हो... 
तुम्ही मेरे सनम हो, तुम्ही मेरे खुदा हो...

इसलिए...

जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
बस तेरा दीदार काफी हैं...
हे सतगुरु ! तेरा एक प्यार काफी है...

नहीं चाहिये ये दुनिया के, निराले रंग ढंग मुझको... 
चला जाऊं मैं ,वृन्दावन तेरा दरबार काफी हैं... 
तेरा दरबार काफी है...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत के साजे बाजो से, हुए है कान अब बहरे...
कहाँ जाके सुनु अनहद, तेरी झंकार काफी हैं...

तेरी झंकार काफी हैं...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत के रिश्तेदारों ने, बिछाया जाल माया का...
तेरे भक्तो से हो प्रीति, तेरा परिवार काफी है...
! तेरा परिवार काफी है...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत की झूठी रोशनी से, है आँखे भर गयी मेरी...
मेरी आँखों में हो हरदम, तेरा चमकार ही काफी है...

! तेरा चमकार ही काफी है...

प्यारे!

सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी... 
तुम आओगे इस दिन की तो क्या बात बनेगी... 

इसलिए,

मेरी आँखों में हो हरदम, तेरा चमकार काफी है...
तेरा चमकार ही काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...
जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

प्यारे! तेरा दीदार ही क्यों काफी है?
तुम्ही मेरी निगाहों की जुफ्तज़ु हो, तुम्ही मेरे खयालों का मुद्आ हो... 
तुम्ही मेरे सनम हो, तुम्ही मेरे खुदा हो...

इसलिए...

जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
बस तेरा दीदार काफी हैं...
हे सतगुरु ! तेरा एक प्यार काफी है...

नहीं चाहिये ये दुनिया के, निराले रंग ढंग मुझको... 
चला जाऊं मैं ,वृन्दावन तेरा दरबार काफी हैं... 
तेरा दरबार काफी है...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत के साजे बाजो से, हुए है कान अब बहरे...
कहाँ जाके सुनु अनहद, तेरी झंकार काफी हैं...

तेरी झंकार काफी हैं...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत के रिश्तेदारों ने, बिछाया जाल माया का...
तेरे भक्तो से हो प्रीति, तेरा परिवार काफी है...
! तेरा परिवार काफी है...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत की झूठी रोशनी से, है आँखे भर गयी मेरी...
मेरी आँखों में हो हरदम, तेरा चमकार ही काफी है...

! तेरा चमकार ही काफी है...

प्यारे!

सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी... 
तुम आओगे इस दिन की तो क्या बात बनेगी... 

इसलिए,

मेरी आँखों में हो हरदम, तेरा चमकार काफी है...
तेरा चमकार ही काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी हैं...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
करूँ मैं प्यार किस-किस से, तेरा एक प्यार काफी है...
तेरा एक प्यार काफी है...

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