Monday, 21 April 2014

परमात्मा देख रहा है


एक भगवद्भक्त कहीं यात्रा करने निकले
थे। पर्वतकी एक गुफा के सम्मुख उन्होंने
बहुत बड़ी भीड़े देखी।
पता लगा कि गुफा में ऐसे संत रहते हैं
जो वर्ष में केवल एक दिन बाहर निकलते
है। वे जिसे स्पर्श कर देते हैं, उसके सब रोग
दूर हो जाते हैं। आज उनके बाहर निकलने
का दिन है। रोगियोंकी भीड़
वहाँ रोगमुक्त होनेकी आशा में एकत्र है।
भगवद्भक्त वहीं रुक गये। निश्चित समयपर
संत गुफा से निकले । सचमुच उन्होंने
जिसका स्पर्श किया. वह तत्काल
रोगमुक्त हो गया। जब सब रोगी लौट रहे
थे स्वस्थ होकर, तब भक्त ने संतकी चद्दर
का कोना पकड़ लिया और बोले- "आपने
औरोंके शारीरिक रोगोंको दूर किया है,
मेरे मनके रोगोंको भी दूर कीजिये।"
संत जैसे हड़बड़ा उठे और कहने लगे- ‘छोड़
जल्दी मुझे। परमात्मा देख रहा है कि तूने
उसका पल्ला छोड़कर
दूसरेका पल्ला पकड़ा है।’
अपनी चद्दर छुड़ाकर वे शीघ्रता से गुफा में
चले गये।

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